Tajawal

Sunday, 15 May 2016

शहीद हेमंत करकरे के परिवार ने ठुकराए थे मोदी के 1 करोड़

शहीद हेमंत करकरे के परिवार ने ठुकराए थे मोदी के 1 करोड़

2008 में जब मुंबई पर हमला हुआ तो शहर को बचाने गए ATS के चीफ़ हेमंत करकरे अपने साथियों के साथ शहीद हो गए थे! जिसने उनके मरने से पहले के दृश्य देखें हैं वो जानते हैं कि करकरे की बहादुरी और देश के प्रति प्रेम पर कोई शक नहीं कर सकता. असल में इसमें एक मामला ये भी है कि जब हेमंत करकरे एटीएस के चीफ़ थे तब ही मालेगांव ब्लास्ट के सिलसिले में हिन्दू आतंकवाद की बात सामने आई थी और कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को गिरफ़्तार किया गया था!
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े लीडर खुल के इन आतंक के आरोपियों के हितैषी बन गए थे, इन नेताओं में शिवराज सिंह चौहान से लेकर राजनाथ सिंह का नाम भी शामिल था और एक नाम जो शामिल था वो था गुजरात के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिन्होंने एटीएस के विरुद्ध साध्वी प्रज्ञा जैसे आतंक के आरोपियों का साथ लिया था!
ये कार्यवाही और सुबूत जुटाना ये सब हो ही रहा था कि मुंबई में एक बड़ा आतंकी हमला हो गया और उसमें हेमंत करकरे कई साथियों के साथ शहीद हो गए! हमलों से जहां पूरा मुल्क शोक में था वहीँ हेमंत करकरे के शोक में शामिल होने जब तब के गुजरती मुख्यमंत्री और अब के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके घर पहुंचे तो करकरे की बीवी ने मोदी से मिलने से मना कर दिया था और मोदी उनके परिवार को जो एक करोड़ का चेक लेकर वहां पहुंचे थे वो भी उनके बच्चों ने नहीं लिया!
आज 2016 में जब ये ख़बर आई है कि NIA ने प्रज्ञा ठाकुर जैसी संगीन आरोपी के ख़िलाफ़ सुबूत ना होने का दावा किया है तो कुछ अजीब भी लगता है और कुछ नहीं भी लगता है!
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