Tajawal

Monday, 18 January 2016


सीरिया। दुनिया को बर्बाद करने निकला ISIS का सरगना बगदादी खुद ही बर्बाद हो गया है। दरअसल बगदादी ने लोगों की लाशें बिछाकर जो काली कमाई जमा की थी, वो तबाह हो गई है। 11 जनवरी 2016 को अमेरिका ने भारी बमबारी कर बगदादी के उस बैंक को भस्म कर दिया जिसमें रखी गई थी खून से सनी कमाई। आतंक के आका को ये सबसे बड़ी चोट लगी है, क्योंकि इस बैंक में इतना धन जमा था कि छोटे मोटे देशों का कई साल का खर्चा पूरा हो जाए।
यही वो बैंक था जहां से हुई थी फ्रांस हमले की फंडिंग। इसी बैंक से बन रही थी अमेरिका ब्रिटेन और दूसरे पश्चिमी देशों पर हमले की साजिश। ये बैंक दुनिया के सबसे अमीर बैंकों में से एक था। दुनिया के ज्यादातर आतंकी संगठन किसी ना किसी देश की सरकारी मदद से चलते हैं। लेकिन ये आईएसआईएस इकलौता आतंकी संगठन है जिसने अपने दम पर भरी थी इस बैंक की तिजोरियां। एक अंतरराष्ट्रीय रिसर्च से खुलासा हुआ था कि बगदादी के इस बैंक में दो अरब डॉलर से ज्यादा की रकम मौजूद थी।
आईएसआईएस ने कई धंधों से कमाया था जिसमें सबसे महत्वपूर्ण थी तेल की तस्करी। जो यूरोपीय देश बगदादी के मानव बमों से डरे हुए हैं, ये तेल उन्हीं देशों में गैरकानूनी तरीके से बेचा गया था। सीरिया और इराक के जिन इलाकों पर बगदादी का कब्जा है वहां तेल के कई कुएं हैं। बगदादी के गुर्गे छोटी रिफाइनरियों से तेल को साफ करके स्मगलरों के पास पहुंचा देते हैं। बगदादी के इस बैंक को भरने के लिए आतंकी लोगों की जेबें भी खाली कराते थे। इराक और सीरिया के इलाके में रहने वाली जनता को ना जाने कितनी चीजों पर टैक्स चुकाना पड़ता है।
उसकी हुकूमत में रहने वाली जनता कोई भी सामान बेचती है तो उस कमाई का एक हिस्सा बगदादी को देना पड़ता है। बिजली और पानी के नाम पर भी उन्हें मोटी रकम भरनी पड़ती है। हर कंपनी को बगदादी टैक्स भरना है। अपने बैंक खाते से पैसे निकालने पर भी टैक्स है। हर तनख्वाह में टैक्स, आईएसआईएस के इलाके में दाखिल होने वाले हर ट्रक ही नहीं अगर गैर मुस्लिम इलाके में लूट हुई तो लूट का माल भी इसी बैंक में जमा होता था। बगदादी की कमाई का एक बड़ा हिस्सा किडनैपिंग इंडस्ट्री से आता है।
एक रिपोर्ट की मानें तो आईएसआईएस ने बीते साल 3 करोड़ 50 लाख डॉलर से लेकर 4 करोड़ 50 लाख डॉलर तक की कमाई की है। इसी कमाई पर रोक लगाने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकवादी संगठनों को फिरौती देना गैरकानूनी करार दिया है। हालांकि, अगवा लोगों के गले पर चाकू रखे आईएसआईएस के नकाबबंद लोगों का वीडियो आता है तो फिरौती पर रोक हटाने की मांग जोर पकड़ जाती है। इसके अलावा बताया जाता है कि कम से कम चार मुल्कों में ऐसे लोगों की बड़ी तादाद है जो खुलकर नहीं चोरी छिपे बगदादी की तिजोरी भरते रहते हैं।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक बगदादी के मददगार सऊदी अरब, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद हैं। 2013-14 में ही इन देशों के तमाम अमीर परिवारों, कारोबारियों और अज्ञात दानकर्ताओं ने उसे 4 करोड़ डॉलर की मदद दी थी। बताया जाता है कि इनमें से बहुत से लोगों ने उसे पैसा डर की वजह से और इरान या सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद से दुश्मनी के चलते दिया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत से हर साल लाखों डॉलर की मदद सीरिया के बागी गुटों को दी जाती है। अमेरिका के वित्त मंत्रालय की मानें तो इस्लामिक स्टेट यानि आईएसआएईएस ने 2014 में ही उत्तरी और पश्चिमी इराक के सरकारी बैंकों पर कब्जा कर लिया था। और उन बैंकों में पड़े 50 लाख डॉलर कब्जा लिए थे।
अमेरिकी खुफिया विभाग के सूत्रों ने अंग्रेजी अखबार गार्जियन को बताया है कि मोसूल पर कब्जे से पहले तक आईएसआईएस के पास कैश और संपत्तियों के तौर पर 875 मिलियन डॉलर थे। बाद में मौसूल के बैंक लूट कर और सैनिक साजोसामान बेच कर उन्होंने करीब डेढ़ अरब डॉलर और उगाह लिए। इस बैंक को भरने के लिए बगदादी ने सिर्फ इंसानों को निशाना नहीं बनाया। उसने बेशकीमती प्राचीन धरोहरों को भी बेच डाला।
पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के मुताबिक बगदादी के लड़ाकों के कब्जे में कम से कम 4500 ऐसी बेशकीमती जगहें हैं जहां के सामान तुर्की और जॉर्डन के काले बाजार में ऊंची कीमत पर बेचे जा रहे हैं। वाशिंगटन इंस्ट्टीयूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी प्राचीन कलाकृतियों की बिक्री से बगदादी को तेल के बाद सबसे ज्यादा पैसा मिल रहा है। बताया जा रहा है कि इसके जरिए बगदादी एक साल में कम से कम 100 मिलियन डॉलर कमा रहा है। बहरहाल अमेरिका के एक हमले ने आतंक के सरगना की सालों की कमाई को धवस्त कर दिया है।
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