Tajawal

Wednesday, 27 January 2016

एक हिन्दू ने 300 साल पुरानी बिस्किट से भी छोटी कुरान सहेज कर रखी है। इसके लिए उसने एक करोड़ का ऑफर भी ठुकरा दिया।वो छोटी सी चीज है मुस्मलमानों का पवित्र ग्रंभ कुरान, जिसे पंजाब के कपूरथला में रहने वाले एक परिवार ने 30 दशकों से संभाल रखा है। यह कुरान 2.5 सेंटीमीटर लंबी, 2 सेंटीमीटर चौड़ी और 1 सेंटीमीटर मोटाई वाली है। 385 पन्नों की इस कुरान में हर पन्ने पर 8 आयतें लिखी हैं। परिवार इसके 300 साल पुरानी होने का दावा करता है।
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कपूरथला के मोहब्बत नगर निवासी संजीव कुमार सूद ने इस नायाब कुरान शरीफ को दिखाते हुए बताया कि इस्लाम धर्म के इस पावन ग्रंथ को पूरी मर्यादा के साथ सहेज कर रख रहे हैं। उनके घर में यह परंपरा उनके दादा जसवंत राय सूद के समय से चली आ रही है। इस नायाब सूक्ष्म कुरान शरीफ को वह हरे रंग के कपड़े में लपेट कर अपनी तिजोरी में रखते हैं।
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सूद ने बताया कि उनके दादा जी गणित के शिक्षक थे। उन्हें कपूरथला रियासत के एक वजीर ने यह दुर्लभ कुरान शरीफ भेंट की थी। इस कुरान शरीफ को एक लोहे के छोटे केस में अदब के साथ रखा हुआ था और उसके ऊपर एक लेंस लगा हुआ था। जिसकी मदद से इसे पढ़कर अल्लाह की इबादत की जाती थी। अब लेंस किसी वजह से टूट गया है।
सूद ने बताया कि दुबई से कुछ शेख आए थे। उन्होंने इस कुरान शरीफ को बहुत ही नायाब और दुर्लभ बताया था। उन्होंने इस कुरान शरीफ को लेने के लिए पेशकश दी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उनके दादा के बाद उनके पिता शिवदर्शन कुमार सूद भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहे और अब वह खुद इसका अनुसरण कर रहे हैं।
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संजीव सूद ने बताया कि दुबई से आने वाले शेख ने ही उन्हें बताया कि यह अमूल्य धरोहर है। इसे हरे रंग के कपड़े में पूर्ण मर्यादा के साथ सहेज कर अपने सिर से ऊपर रखें। उनके कहे अनुसार इसका पूरा पालन हो रहा है। 1982-83 में लाहौर से तीन मुसलमान भाई जालंधर आए थे। वह भी इस कुरान शरीफ को देखने के लिए खास तौर पर उनके पास आए थे। सूद के मुताबिक सात साल पहले जालंधर से मौलवी भी आए थे।
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पांच साल पहले 2010 में इस सूक्ष्म कुरान शरीफ की वीडियो सीडी तैयार करके लंदन के म्यूजियम में भी भेजी गई है। उन्होंने बताया कि इस कुरान शरीफ के लिए उन्हें एक करोड़ रुपये तक की पेशकश मिल चुकी है, लेकिन वह अपने पूर्वजों की इस धरोहर की कीमत नहीं लगाएंगे।
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